टीम इंडिया ने एशिया कप ट्रॉफी लेने से किया इनकार
भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया, ACC ने तुरंत ट्रॉफी वापस ले ली — जानिए ICC आचार संहिता और आगे की प्रक्रियाएँ।
एशिया कप 2025 फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर अपना 9वाँ एशिया कप खिताब अपने नाम किया।
लेकिन जो बात विवादित बन गई, वह थी ट्रॉफी लेने की रस्म — भारतीय खिलाड़ी अधिकारियों द्वाराआयोजित पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी लेने से स्पष्ट रूप से इंकार कर बैठे।
विवाद का क्रम
- पुरस्कारवितरण समारोह देर से शुरू हुआ और अंततः इसे बीच में ही समाप्त कर दिया गया, क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों ने ACC अध्यक्ष और पाकिस्तानी PCB प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया।
- आयोजकों ने घोषणा की कि “Indian team will not be collecting their awards tonight” (भारतीय टीम आज पुरस्कार नहीं लेगी)।
- ट्रॉफी और पदक उस समय स्टेडियम से उड़ाए गए — नकवी ने ट्रॉफी मैदान से बाहर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
- कप्तान सूर्य कुमार यादव ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “एक चैंपियन टीम को ट्रॉफी से वंचित करना मैंने पहले कभी नहीं देखा।”
ICC / ACC नियम की स्थिति
- ICC की कोई ऐसी स्पष्ट नियमावली नहीं है जिसमें यह तय हो कि ट्रॉफी स्वीकृत नकरने पर किन दंडों का प्रावधान होगा।
- लेकिन ICC आचार संहिता (Code of Conduct) में अनुचित व्यवहार को नियंत्रित करने की व्यवस्था है, और ऐसे मामलों का विश्लेषण किया जा सकता है कि क्या नियमों का उल्लंघन हुआ है।
- ACC (Asian Cricket Council) की जिम्मेदारी होगी कि वह टिप्पणी और निर्णय प्रदान करे — BCCI ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को ICC सम्मेलन में उठाएगा।
- यदि कप्तान या टीम ने ट्रॉफी स्वीकृत न करने का निर्णय लिया है, उन्हें इसका वैध कारण ACC / ICC को देना पड़ सकता है।
आगे क्या हो सकता है
- BCCI ने कहा है कि वह नवंबर में ICC मीटिंग में इस घटना के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगा।
- यदि ACC / ICC को यह मामला गंभीर लगे, तो घटना की समीक्षा और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
- भारत का अधिकार है कि वह अपनी जीत की ट्रॉफी चाहिए — लेकिन इस विवाद ने न केवल खेल की भावना पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्रिकेट प्रशासनिक नियमों की भी परीक्षा ली है।